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Bihar Bandh Violence:बिहार बंद हिंसा पर पुलिस का शिकंजा, 21 एफआईआर दर्ज, 450 से ज्यादा गिरफ्तार, AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड

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Alam Ki Khabar: बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। राज्यभर में 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 450 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीवान में AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है।

पटना, 27 जुलाई। आलम की खबर: बिहार बंद के दौरान विभिन्न जिलों में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने राज्यव्यापी कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 21 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और 450 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है तथा आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सीवान जिले में देखने को मिली, जहां प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले एक पुलिस जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

राजधानी पटना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में 139 लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद 30 छात्राओं और लगभग 45 नाबालिगों को छोड़ दिया गया, जबकि अन्य आरोपितों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस बल पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क जाम करने तथा आम नागरिकों के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, किशनगंज, औरंगाबाद, भागलपुर, कटिहार, बेगूसराय, मधेपुरा, सहरसा और लखीसराय सहित कई जिलों में भी बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। विभिन्न जिलों में करीब सौ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों की भूमिका वीडियो और अन्य साक्ष्यों में सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच जन शक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव को भी इसी मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन्हें बेऊर केंद्रीय कारागार में रखा गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को उनकी ओर से अदालत में जमानत याचिका दायर की जानी है।

गौरतलब है कि छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक और कथित लाठीचार्ज के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया था। पटना के गांधी मैदान क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प, पथराव और अफरातफरी की घटनाएं हुईं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले में व्यापक कार्रवाई शुरू की।

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रहेगी।

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विशेष टिप्पणी

लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और पुलिस पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, कानून लागू करने वाली एजेंसियों से भी संयम और नियमों के अनुरूप कार्रवाई की अपेक्षा रहती है। सीवान में फायरिंग करने वाले जवान पर हुई कार्रवाई इसी जवाबदेही का संकेत है। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई ही स्थिति को सामान्य बनाने का रास्ता तय करेगी।

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